किसान क्रेडिट कार्ड ऋण योजना को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न
मंदसौर - सांसद सुधीर गुप्ता ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर लोकसभा में प्रश्न करते हुए कहां कि सरकार द्वारा देश में विगत तीन वर्षों में प्रत्येक वर्ष के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के अंतर्गत वितरित किए गए ऋण का ब्यौरा क्या है। क्या किसानों के बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हए केसीसी योजना के अन्तर्गत ऋण की अधिकतम सीमा को बढ़ाने का विचार है। यदि ऐसा है तो उसका ब्यौरा क्या है और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है और वर्तमान में ऋण की अधिकतम सीमा कितनी है। सुधीर गुप्ता ने कहां कि किसान लिए गए ऋण का केवल वार्षिक ब्याज केसीसी के माध्यम से बैंकों को भुगतान कर सकते हैं और यदि नहीं, तो क्या सरकार का ऐसा प्रबन्ध करने का विचार है। क्या सरकार का मत है कि ऐसा करने से किसान ऋण का भुगतान समय पर कर पाएंगे और साहूकारों के उत्पीड़न से मुक्त रहेंगे ?
इस पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहां कि वर्ष 2017-18 मंे 75321424.02, वर्ष 2018-19 में 75220924 एवं वर्ष 2019-20 में 82514920.64 लाख रूपये का ऋण वितरित किया गया है। फसल के लिए वित्तीय मानदंड के अनुसार दी जाने वाली ऋण सीमा की राशि जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार की जाती है। इसी कारण केसीसी ऋण की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की जाती है। सरकार द्वारा केसीसी से संबंधित मुद्दों को तीव्रता से निपटाने के लिए संबंधित बैंक शाखा को सत्यापित भू अभिलेख प्रदान करने हेतु राज्य सरकारों को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। किसानो की सुविधाओं के लिए तीन लाख रूपये तक के ऋण के लिए प्रोसेसिंग शुल्क, निरीक्षण शुल्क, लेजर फोलियो शुल्क जैसे सभी प्रकार के सेवा शुल्कों को माफ कर दिया गया है। पूर्ण आवेदन प्राप्त करने के पश्चात केसीसी जारी करने के लिए 14 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।
नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहां कि ब्याज माफी स्कीम (आईएसएस) के प्रावधानों के अनसार, किसान दवारा 3 लाख रुपये तक केसीसी कषि अल्पकालिक ऋण लेने वाला किसान बैंक से 2 प्रतिशत ब्याज माफी के लिए पात्र है तथा ऋण का तत्काल भुगतान करने पर किसान 3 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज माफी प्राप्त करने का पात्र है। इस प्रकार किसान समय पर भुगतान कर देने पर 4 प्रतिशत के प्रभावी ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण प्राप्त करता है। इसलिए किसान मूलधनराशि के साथ-साथ उसपर देय ब्याज का पुनर्भुगतान करने पर कुल 5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी प्राप्त करने का पात्र हो जाता है।
भारत सरकार ने अन्य बातों के साथ-साथ किसानों के ऋण के बोझ को कम करने के लिए और उन्हें साहकारों के चंगुल से छुटकारा दिलाने के लिए कई योजनाएं व स्कीम प्रारंभ की है। जिनमें केसीसी सेच्यूरेशन अभियान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई), संयुक्त देयता समूह का गठन (जेएलजी), राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम), राष्ट्रीय कृषि मण्डी (ई-नेम), राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (एनएमएसए), प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई) आदि शामिल हैं।

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