जनप्रतिनिधि परमिशन ले कर दौरे कर रहे हैं या स्वेच्छा सेप्रशासन पड़ताल करें-बंसल
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| sunil bansal |
मंदसौर। न्यायपालिका हमें यह सिखाती है कि नियम कानून सभी के लिए होते हैं राजा हो या रंक सभी संवैधानिक व्यवस्थाओं के दायरे में आते हैं नियम से बड़ा या ऊपर कोई नहीं होता। लेकिन मंदसौर क्षेत्र में यह देखा जा रहा है कि कोरोना के इस कहर मे लाकडाउन के दौरान नियमों की जद में केवल आम आदमी ही आ रहा है। प्रमुख पदों पर बैठे लोगों पर नियम कानून का कोई प्रभाव पड़ता नहीं दिखता।
यह बात सामाजिक कार्यकर्ता सुनील बंसल ने एक वक्तव्य में कही है उन्होंने कहा है कि हमारे क्षेत्र के सांसद, विधायक अन्य जनप्रतिनिधि व हाल ही में एक राजनीतिक दल में मनोनीत हुए जिला अध्यक्ष यह सभी अपने क्षेत्र के लगातार दौरे कर रहे हैं एक स्थान से दूसरे स्थान पर आ जा रहे हैं तो सवाल यह है कि क्या ये प्रशासन से अनुमति ले कर या ईपास लेकर ही भ्रमण कर रहे हैं या अपने पद और कद के प्रभाव से नियमों को तिलांजलि देकर अपने दौरों में लगे हुए हैं। श्री बंसल ने कहा कि सांसद विधायक या जनप्रतिनिधि यदि अपने शहर से कहीं भी जाएं तो उन्हें भी अनुमति लेकर ईपास की प्रक्रिया करके ही आना जाना चाहिए। देखा गया है कि सांसद नीमच व संसदीय क्षेत्र के अन्य स्थानों पर इन्हीं दिनों गए हैं गरोठ भानपुरा क्षेत्र के विधायक मंदसौर आए हैं विधायक भी क्षेत्र में घूम रहे हैं। हाल ही में जिन्हें भाजपा जिला अध्यक्ष बनाया गया है वे उनके गृह ग्राम नगरी से मंदसौर दायित्व ग्रहण करने आए तो क्या उन्होंने प्रशासन से अनुमति ली थी। यह स्पष्ट होना चाहिए नियम कानून सभी के लिए होते हैं यदि प्रमुख पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग नियमों को धता बताएंगे तो आम जनों का विश्वास कानून व्यवस्था और संविधान में फिर कैसे रहेगा। श्री बंसल ने बताया कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक ले सकते हैं अन्य कामकाज भी वे अपने मुख्यालय से ही कर रहे हैं कहीं आ जा नहीं रहे हैं तो ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी प्रधानमंत्री का अनुसरण करना चाहिए।
यह एक बड़ा मसला है इस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही जिम्मेदारों को अवश्य ही ध्यान देना चाहिए


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