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लाक्षागृह में जलने वाले ही सुरमा होते ही - कलेक्टर/तकनीकों का उपयोग करें, लेकिन सही दिशा में - पुलिस अधीक्षक







युवा संवाद कार्यक्रम


पिपलियामंडी महाविद्यालय में हुवा युवा संवाद कार्यक्रम


 स्वामी विवेकानंद की 157 वी जंयती के अवसर पर युवा संवाद (yuva sanvad)कार्यक्रम का आयोजन शासकीय महाविद्यालय पिपलियामंडी में दोपहर 12 बजे कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यलयीन विद्यार्थियो को अपने कॅरियर को सवारने के लिये विभिन्न क्षेत्रो के सम्बंध में बताया गया। युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री मनोज पुष्प, पुलिस अधीक्षक श्री हितेश चौधरी,  ल्हारगढ़ एसडीम श्रीमती रोशनी पाटीदार, जिला योजना समिति के सदस्य श्री परशुराम सिसोदिया, पिपलियामंडी जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री व्यास, जनप्रतिनिधि, कॉलेज के प्राचार्य, विद्यार्थी एवं पत्रकार साथी उपस्थित थे। 

युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर द्वारा कहा गया कि ऐसे लोग जो लाक्षागृह की तरह तपते हैं। वही सुरमा कहलाते हैं। जो मेहनत करेगा। वह आगे बढ़ेगा। जो मेहनत नहीं करेगा, वह पीछे रह जाएगा। जीवन में हमेशा एक ही लक्ष्य रखें। एक से अधिक लक्ष्य रखोगे, तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा। लक्ष्य चुनने के लिए बहुत सारी विधाएं हैं। किसी मे भी लक्ष्य निर्धारित कर सकते हो। उन्होंने युवाओं से विशेष तौर पर कहा कि सोशल मीडिया का कम से कम उपयोग करें। इसके स्थान पर पढ़ाई लिखाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। जो मेहनत करेगा, उसको सफलता मिलेगी। मेहनत का कोई तोड़ नहीं है। सपनों के पीछे सार्थक पहल होनी चाहिए। तभी सफलता मिलेगी। सफलता के पीछे मेहनत ही काम करती है। सभी के जीवन में समस्या रहती हैं, उन समस्याओं के बीच से ही सफलता का राज निकलता है। इसलिए समस्या से भागे नहीं। उनका सामना करें। 
इस दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा कहा गया कि आज तकनीकी का युग है। युवा विद्यार्थियों को इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए कि वह तकनीक का सही एवं सही दिशा में उपयोग करें। किताबी ज्ञान के अलावा अपनी विवेक का भी उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिंदगी बहुत बड़ी है। इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें। आप जहां पर हैं, और यहां पर रहते हुए आप अपना कार्य कैसे कर रहे हैं और क्या कर रहे हैं। इसको समझना बहुत महत्वपूर्ण है। अपनी क्षमताओं का पूरा - पूरा उपयोग करें। आपको आगे
जाकर क्या बनना है। इसके बारे में अभी से विचार कर, मेहनत करें। मेहनत ही सब कुछ है। मेहनत करने वाले व्यक्ति को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। सफलता की जड़ ही मेहनत है। इसके साथ ही कालेज के विद्यार्थियों जिसमें पूजा यादव, तारावती सोलंकी, मुस्कान कुरेशी, महेश प्रजापत, कीर्ति देव कारपेंटर, कविता कारपेंटर, पिंकेश परमार एवं दिग्विजय सिंह द्वारा प्रश्न भी पूछे गए। जिसके उत्तर अतिथियों के द्वारा दिए गए एवं उनकी जिज्ञासाओं को समाधान किया।

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