![]() |
| व्यास पीठ पर पंडित दशरथ भाई जी साथ ही रामानुजाचार्य जी |
"रामचरित मानस भारतीय धर्म व संस्कृति का प्रतिबिम्ब है" यह बात राम कथा आयोजन के प्रथम दिवस की कथा श्रवण कराते हुए पं. दशरथ भाई जी ने कहा कि भारतीय धर्म व संस्कृति में रामचरित मानस का अत्यधिक महत्व है। रामचरित्र मानस भारतीय धर्म व संस्कृति का प्रतिबिम्ब है। रामचरित मान केवल प्रभु राम के जीवन पर आधारित ग्रंथ न होकर भारतीय धर्म व संस्कृति से परिचित कराने वाले ऐसा प्रतिबिम्ब है जिससे भारतीय धर्म, संस्कृति अध्यात्म सेवा सभी का सार समाया हुआ है। जो भी इस ग्रंथ का मनोभाव से श्रवण करता है उसे प्रभु राम की कृपा अवश्य होती है।
मनुष्य में चरित्र का होना आवश्यक, दूसरे धर्मो के ग्रंथों को नीचा न दिखाये- श्री रमानुजजी
कथा का शुभारंभ अवसर पर श्री रामानुजजी महाराज ने कहा कि जीवन में सदैव अमृत वचन बोले तथा सदैव प्रसन्नता में रहो। आपने कहा कि जिसके जीवन में चरित्र का मुल्य नही है वह व्यक्ति अनाथ के समान है कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी पंथ धर्म जाति का हो उसमें चरित्र का होना बहुत आवश्यक है। दूसरे धर्म व पंथो के ग्रंथो को नीचा दिखाना सच्चा धर्म नही है। आपने इस अवसर पर कामना की कि दशरथ भाईजी पुरे विश्व में कथाओं के माध्यम से मंदसौर नगर का नाम रोशन करे । आपने कहा कि मेरा दशपुर नगर से गहरा रिश्तानाता रहा हे। इस मंदसौर ने मुझे पहचान दी है तथा जनता काॅलोनी के बालाजी मंदिर से भी मेंरा गहरा रिश्त नाता हे।
श्री सुयश रामायण मण्डल जनता काॅलोनी मंदसौर मध्यप्रदेश के द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन संजय गांधी उघान में प्रारंभ हो चुका है। शुक्रवार को रामकथा के शुभारंभ के अवसर पर जनता काॅलोनी स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में रामचरित मानस की पौाथी की पूजा अर्चना कर सादगीपूर्ण रूप से जनता काॅलोनी में ही पौथी यात्रा निकाली गयी। सात दिवस तक व्यासपीठ पर विराजमन होकर रामचरित मानस की पौथी का वाचन करने वाले संत श्री दशरथ भाईजी ने यहाॅ पौथी का पूजन किया। कथा के मुख्य यमजमान धर्मवीर रत्नाव व सुरेश भावसार ने यहाॅ अपने सिर पर पौथी धारण की।संजय गांधी उघान में रामकथा का शुभारंभ राजकोट से मंदसौर पधारे तलाई वाले बालाजी के परम भक्त संत श्री रामानुजजी महाराज ने दिप प्रजल्लिवत कर किया। इस अवसर पर सुयश रामयण मण्डलज जनता काॅलोनी व हरिकथा आयोजन समिति ने श्री रामानुजजी महाराज व श्री दशरथभाई जी को शाल भेटकर व माला पहनाकर अभिनंदन किया।
इन्होने की सहभागीता- रामकथा के शुभारंभ के अवसर पर हरिकथा आयोजन समिति के नरेन्द्र अग्रवाल, सत्यनारायण छापरवाल, सचिन पारिख, रावविजयसिंह, नाहरूभाई इंजीनियर, मिलिन्द जिलेवर बंशीलाल टांक, पं अशोक त्रिपाटी, कांग्रेस नेता सुरेन्द्र कुमावत, जिला धार्मिक उत्सव समिति के विनोद मेहता, राजेेश चैहान, विनय दुबेला, रविन्द्र पाण्डेय, राजाराम तंवर, बिन्द चंद्रे, पं जितेन्द्र व्यास, हरिश साल्वी, गोपालसिंह राजावत, प्रधुम्न शर्मा, भरत वसीठा, हरिश साल्वी, अजय राव, देवेन्द्र राव, पत्रकार संजय भाटी, महिला मण्डल की माया भावसार, सुनिता रत्नावत आदि ने भी सहभागीता की और रामानुजजी महाराज व श्री दशरथ भाई जी का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन महेश रेठा ने किया।
संजय भाटी

0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box.