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| Mandsaur MP Sudheer Guptaa |
सांसद गुप्ता ने बताया कि आज इस कानून का विरोध करने वालों और अराजकता फैलाने वालो से हमारा प्रश्न है कि इन देशों में निवास करने वाले अल्पसंख्यक हिन्दू, जैन, सिख, ईसाई, बौद्ध व पारसी कहा चले गए। मोदी सरकार ने तो केवल महात्मा गांधी के 26 सिंतबर 1947 के आदेश को कानूनी अमलीजामा पहनाने का काम किया है। आज बड़े दुख की बात है कि कांग्रेस सहित सभी दल नागरिकता संशोधन के नाम पर आग लगाने का काम कर रहे है। पड़ोसी मुल्कों से घटती अल्पसंख्यकों की संख्या यह दर्शाती है कि या तो उन्है मार दिया गया है या धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर दिया गया है। ऐसे हादसे भी सामने आए है गैर मुस्लिमों की बेटियों को सामूहिक बलात्कार का सामना करना पड़ा। उन्होने कहा कि नागरिक संशोधन कानून में नागरिकता देने का प्रावधान है। यहां के किसी भी व्यक्ति के नागरिकता लेने का नहीं। पश्चिम बंगाल में 1955, 60, 70, 80, 90 और 2014 में आए उन सभी शरणाथिर्यो को नागरिकता दी जाएगी। कुछ लोग इसका भ्रामक प्रचार कर रहे है। लेकिन देश के बाहर वाले मुस्लमानों को नागरिकता देने का प्रावधान है। पिछले पांच वर्षो के दौरान 566 मुस्लिमों को देश की नागरिकात दी गई है। और अदनान सामी जैसे लोग भारत में रहकर गौरवांवित अनुभव कर रहे है। क्या हम इन देशों में रहने वाले हिन्दू धर्म की बेटियों और बहनों के साथ हो रहे बलात्कारों का अप्रत्यक्ष समर्थन नहीं कर सकते। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं इस बात को जानते है। लेकिन वोट के खातिर कानून का विरोध कर रहे है और यह दुर्भाग्य है कि विपक्ष द्वारा मानवीय विषयों पर भी वोटों की फसल उगाने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद गुप्ता ने बताया कि यूपीए सरकार में 2014 के दौरान 1 लाख 11 हजार 754 पाकिस्तानी नागरिक वीजा लेकर भारत में आए लेकिन बड़ी संख्या में हिन्दू और सिख वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में है। क्या उनके प्रति हमारा कोई मानवीय फर्ज नहीं बनता। विपक्ष की दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति है जो सीएए का विरोध कर मानवाधिकारों को कुचलने का काम कर रही। जबकि 12 जुलाई 1947 की प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी ने स्वयं यह बात रखी। उसके पश्चात 25 जनवरी स्वयं पंडित नेहरू ने नेशनल हेराल्ड में कहा कि आपातकालीन राहत कोष का उपयोग पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के आवास और पुर्नवास के लिए करना चाहिए। तो फिर इस विधेयक को इतना भ्रमित रूप से प्रचारित करने की क्या आवश्यकता है। यह हर नागरिक को समझना होगा।

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