रेलवे में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न - apaka sansad apaka sarokaar
मंदसौर - भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं क्षेत्रिय संासद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में प्रश्न करते हुए कहा कि सरकार द्वारा रेलवे स्टेशनों पर किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सुविधा दी जा रही है। यदि हां, तो तत्संबंधी जोन-वार ब्यौरा क्या है और देशभर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर नियुक्त और तैनात चिकित्सा पेशेवरों का ब्यौरा क्या है। इसी के साथ ही सुधीर गुप्ता ने कहां कि रेलवे स्टेशनों पर खोले गए आपातकालीन चिकित्सा कक्षों (ईएमआरएस) की जोन-वार संख्या कितनी है और कितने दुर्घटना पीड़ितों ने इसकी स्थापना के बाद से ऐसे ईएमआरएस का लाभ उठाया है। अब तक इस उद्देश्य के लिए कितनी धनराशि आबंटित की गई है और सरकार द्वारा इस दिशा में अन्य क्या कदम उठाए गए या उठाए जा रहे हैं।
प्रश्न के जवाब में रेलमंत्री पियूष गोयल ने बताया कि सभी रेलवे स्टेशनों और यात्री गाड़ियों में जीवन रक्षक दवाईयां, उपकरणों, ऑक्सीजन सिलेण्डर इत्यादि वाले मेडिकल बॉक्स मुहैया कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। फ्रंट लाइन कर्मचारी अर्थात गाड़ी टिकट परीक्षक, ट्रेन गार्डध्गाड़ी अधीक्षक, स्टेशन मास्टर इत्यादि प्राथमिक उपचार देने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से पुनश्चर्या पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नजदीक के अस्पताल और डॉक्टरों के संपर्क सहित उनकी सूची सभी रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है। घायल, बीमार यात्रियों को अस्पताल, डॉक्टर के क्लिनिक तक ले जाने के लिए रेलवे, राज्य सरकार, निजी अस्पतालों और एंबुलेंस सेवा प्रदाताओं की एंबुलेंस सेवाएं उपयोग में लायी जाती हैं। उन्होने बताया कि स्टेशनों पर जहां निजी पेशेवर आपातकालीन चिकित्सा कक्ष (ईएमआर) स्थापित करने के इच्छुक होते हैं, ऐसे पेशेवरों को ठेका आधार पर ईएमआर स्थापित करने की अनुमति दी जाती है। भारतीय रेल पर निजी पेशेवरों द्वारा कुल 41 ईएमआर पश्चिम-10, दक्षिण-19, मध्य-05, दक्षिण पश्चिम-02, पश्चिम मध्य-02, दक्षिण मध्य-03 स्थापित किए गए हैं।

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