12 वर्षीय बालक की ह्त्या कि गुत्थी सुलझाई पुलिस ने , बकरा चुराने के दौरान कर दी थी ह्त्या - murder
मंदसौर | 11.11.2020 को हीरालाल मेघवाल के खेत के पास कुण्डाल ग्राम ढाबला गुर्जर मे एक 12 वर्षीय बालक की लाश मिलने की सुचना पर क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गयी ! मृतक के सिर व चेहरे पर चोट के निशान पाए गए जिससे प्रथम द्रष्टया हत्या की आशंका परिलक्षित होने पर थाना शामगढ़ पर अप.क्र. 556/2020, धारा 302 भादवी दर्ज किया गया ! श्री सिद्धार्थ चौधरी पुलिस अधीक्षक मंदसौर द्वारा घटना को गंभीरता से लेकर घटना की पतारसी व आरोपियों की तलाश हेतु तत्काल एक विशेष पुलिस जाँच दल श्री महेंद्र ताडनेकर अति पुलिस अधीक्षक गरोठ व शेरसिंह भूरिया अ.अ.पु. सीतामउ के निर्देशन में गठित कर विशेष दिशा निर्देश देकर शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया ! श्री अरविन्दसिंह राठौर निरीक्षक थाना प्रभारी शामगढ के नेत्रत्व में उक्त गठित दल के द्वारा लगातार सरगमी से घटना के हर पहलुओ की जाँच पड़ताल शुरू करते हुए जानकारी एकत्र करना प्रारंभ की गयी जिस पर प्रथम सफलता मृतक की शिनाख्तगी कर प्राप्त की गयी ! मृतक कालुसिंह पिता गोविन्दसिंह गुर्जर निवासी ढाबला गुर्जर के सम्बन्ध में विभिन्न पहलुओ पर और प्रत्येक दिशा में जानकारी एकत्र की गयी ! जनसंपर्क एवं व्यावसायिक दक्षता तथा कार्य कौशल के आधार पर एकत्रित की गयी जानकारी अनुसार घटना दिनांक को मृतक कालुसिंह रोजाना की तरह बकरिया चराने कुण्डाल तरफ गया था उसी दिशा में ग्राम ढाबला गुर्जर का ही रहने वाला संजु उर्फ संदीप उर्फ संजय की भी आमद रफत होने की एक महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस हो मिली! उक्त तथ्य से एक दिशा प्राप्त हुई जिस पर पुलिस द्वारा तत्काल संजु उर्फ संदीप उर्फ संजय को हिरासत में लेकर सख्ती से पुछताछ की गयी जिस पर संजु उर्फ संदीप उर्फ संजय ने बताया मेरे गांव के निर्मल पिता शंभुलाल मेघवाल उम्र 35 वर्ष निवासी ढाबला गुर्जर ने घटना वाले दिन से एक दिन पहले मंगलवार के रोज बताया था कि कालुसिंह गुर्जर उम्र 12 वर्ष का लडका खाल मे बकरी चराने जाता है। उसके पास एक काले सफेद रंग का चित कबरा बकरा है उसको चुराना है। निर्मल ने मुझे खाल तरफ जहा कालुसिंह बकरा चराता है वो सभी स्थान साथ मे चलकर बताये थे। निर्मल ने बोला था कि बकरे को चुराकर बेचना है जो रुपये तेरे को मिले उसमे से मुझे भी हिस्सा देना है। बुधवार के रोज कालुसिंह गुर्जर बकरा बकरी चराने कुण्डाल तरफ गया था। मै भी कालुसिंह के बकरे चराने वाली जगह पर गया! दिन करीबन बारह बजे मैने उसके चित कबरे बकरे को चुराने की कोशिश की तो कालुसिंह चिल्लाया तो मैने उसका मुह हाथ से दबा दिया नीचे पटक दिया सीने पर घुटना रखकर जोर से दबाया सीने पर दो तीन मुक्के मारे तो कालुसिंह बैहोश हो गया था। कालुसिंह नीचे गिरा था उसकी सास चल रही थी। तो कुछ दुरी से मैने 10-12 किलो का पत्थर उठाया ओर कालुसिंह के सिर पर पटक दिया। कालुसिंह की मौत हो गई। मैने उसके बकरे का कान पकडकर ढाबला गुर्जर से खजुरी पंथ जाने वाले रास्ते की तरफ चला ओर जहा सडक के किनारे बडे बडे पाईप रखे है उस स्थान से माँ हिंगलाज बस मे बकरे के साथ बैठकर बोलिया पहुचा ! मेरे गांव का ही अवयस्क बालक मोटर सायकल के साथ दिखा तो मैने उसे कहा कि मै यह बकरा ग्राम ढाबला गुर्जर से चुराकर लाया हु। तुझे इस बकरे का सौदा करवाना है सौदा कराने के बदले मै तुझे 500 रुपये जब तु अपने गांव ढाबला गुर्जर आयेगा तो दे दुंगा। इस बात पर वह राजी हो गया ओर हम दोनों उसकी मोटर सायकल से बकरे को लेकर बोलिया से गैलाना पहुचे ! रास्ते मे उसकी ही पहचान वाला राजु खटिक की दुकान पर चोरी किये बकरे को पिन्टु ने राजु खटिक को 3500 रुपये मे बिकवा दिया। पुलिस व्दारा इस गुत्थी को बहुत कम समय मे सुलझाते हुए महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की गयी !

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