मंदसौर के सेन्ट थाॅमस विधालय में ईश्वर के परम भक्त समाज सुधारक दुरदृष्टि के ज्ञाता संत कुरियाकोस एलियास चावरा की 150 वी पुण्यतिथि के जुबली वर्ष के आरम्भ में उनके योगदानो को याद कर विधालय परिवार ने उनके सम्मान म एक समारोह सिस्टर जोन्सी के दिशा निर्देश में व सिस्टर जाॅन्सी मारिया के मार्ग दर्शन में सहयोगी अध्यापकगणो के साथ विधार्थियो ने संत चावरा के जीवन व उनके कार्यो पर आधारित कार्यक्रमो की प्नस्तुतियाॅ दी |
संत कुरियाकोस एलियास चावरा एक भारतीय पादरी और समाज सुधारक व शिक्षाविद् थे | वह भारतीय मूल के पहले पुरूष संत है, चावरा कुरियाकोस एलियस की मध्यस्थता से कई लोगो को चमत्कारिक चंगाई का अनुभव हुआ है | संत चावरा दुसरो के दु:ख समझकर उनकी समस्याओं को सुनते थे , हर सम्भव उनकी मदद करते थे | संत चावरा में दुरदृष्टि् की भवमुखी प्नतिभा थी | उनकी करिश्माई दो हिस्सो मे बटी थी , एक आध्यात्मिक व दुसरी सामाजिक | आध्यात्मिक नवीनीकरण में उन्होने पूरोहितों व विश्वासियो के लिए प्नार्थना व ध्यानघरो की स्थापना करी | उन्होने कई विषयो पर किताबे लिखी व कई किताबो का अनुवाद भी किया | समाज में फैले वर्णवाद व जातिवाद के विऱूद्ध संस्कृत विधालय की स्थापना करी जहाॅ सभी धर्म व जाति के विधार्थी आकर ज्ञान अर्जित कर सके | उन्होने केरल के विधालय, संस्कृति व परम्परा को सभी ओर फैलाया | शिक्षा के क्षेत्र में संत चावरा ने केरल मे महत्वपूर्ण योगदान दिया | उन्होने जहाँ जहाँ चर्च थे, वहाॅ विधालय की स्थापना कर नई परम्परा की शुरूवात करी | स्वास्थ्य सेवा मे भी उन्होने कई महत्वपूर्ण सेवाए दी | वृद्ध , बीमार व बेसहारा लोगों के लिए वृद्धाश्रम की भी स्थापना करी | नारी सम्मान में भी संत चावरा का महत्व महत्वपूर्ण योगदान रहा | सामाजिक नवोत्थान में ऐसा कोई भी पहलु नही होगा, जिसमें संत चावरा ने योगदान नही दिया होगा | संत चावरा के योगदानो में प्नमुख है उनके द्वारा स्थापित दो सन्यासी समाज की संस्था एक पुरूषों के लिए सी.एम.आई. व महिलाओ के शक्तिकरण व आध्यात्मिकता को बढाने के लिए सी.एम.सी. संस्था | कार्यक्रम में सर्वप्नथम संस्था मैनेजर फादर कैनेडी थाॅमस प्नाचार्या सिस्टर जोन्सी, इंचार्ज सिस्टर प्निता, उपप्नाचार्या सिस्टर जाॅन्सी मारिया व सिस्टर मिनोति ,शिक्षक प्नतिनिधि श्री देवसिया ,श्रीमती लिजा जार्ज,छात्र प्रतिनिधि डेविन मैथ्यु ने द्वीप प्नज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूवात करी | इस अवसर पर फादर कैनेडी थाॅमस ने विधालय को सम्बोधित करते हुए संत चावरा के जीवन व उनके कार्यो व योगदानो से विधालय को अवगत कराया | छात्रा वैष्णवी तिवारी व इस्मित कौर ने संत चावरा के जीवन पर प्नकाश डालते हुए सफल संचालन किया | विधार्थीयो ने प्नार्थना नृत्य,समर्पित नृत्य,,खुशी उत्सवी नृत्य व नाटिका को प्नस्तुत किया जिसे सभी ने सराहा | उक्त जानकारी संस्था की पी आर ओ डाॅ संगीता सिंह रावत ने दी |
0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box.