जो भगवान को चाहिए वो तो हम देते नहीं और जो नहीं चाहिए उसका अम्बार लगा देते है-कहा भागवत प्रवक्ता पू. भागवताचार्य श्री अरूण कुमार भारद्वाज ने
भगवान श्री पशुपतिनाथ सभागार में 8 दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
मन्दसौर। भगवान श्री पशुपतिनाथ सभागार में 2 जनवरी 2020 को मंदिर समिति के आयोजकत्व एवं जिला धार्मिक उत्सव समिति मंदसौर के संयोजकत्व में भागवत प्रवक्ता ब्रह्मचारी पूज्य आचार्य पं. श्री अरूण कुमार भारद्वाज श्री कृष्णधर आश्रम जम्मु के मुखारविन्द से आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा व समरसता विश्व शांति अनुष्ठान यज्ञ का शुभारंभ हुआ।
पौथी यात्रा गणेश मंदिर माली धर्मशाला से प्रारंभ हुई। पोथी यात्रा मंे विनोद मेहता, राजाराम तंवर, राजेश चौहान, हेमन्त नरोरा, रूपनारायण मोदी, अंकित बैरागी, पत्रकार पवन हिरिया, सुरेश भावसार, बंशीलाल टांक, सुनिल पोरवाल, वंदना भावसार, शकुंतला मनु परमार, सीमा भटनागर, किरण मण्डोवरा, मंजू सेन, आशा कुमावत आदि सम्मिलित हुए।
भागवत कथा में श्री भारद्वाज ने कहा हम भगवान के मंदिर मंे जाकर नाना प्रकार के भोग पदार्थ धन पैसा आदि ऐसे बहुत से बाहरी भौतिक पदार्थ को खुब चढ़ा देते है जिनकी भगवान को बिल्कुल चाह नहीं होती है किन्तु भगवान को हमसे जिस एक वस्तु की चाह-अपेक्षा रहती है वह तो हम भगवान को देते नहीं। भगवान ने अर्जुन से गीता में स्पष्ट कहा है। ‘‘मय्येव मन आधत्स्व’’
पूज्य आचार्य ने चिंतन का बहुत महत्व बताते हुए कहा कि हम जीवन भर अपने स्वयं के स्वार्थ के लिये जितना सोचते रहते है समझो उतना समय हम यूं ही व्यर्थ गवां देते है परन्तु इसके बदले यदि हम दूसरों के हित लिये थोड़ा भी सोचते है समझो उस समय का हम सदुपयोग कर लेते है।
भागवत कथा 9 जनवरी तक प्रतिदिन दोप. 12 बजे से 4.45 बजे तक होगी। कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का निवेदन किया गया है।

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