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पत्नी के साथ मारपीट कर तीन तलाक देने वाले को जेल भेजा-wife bitten by husband



गरोठ।  न्यायालय न्यायिक दण्डाधिकारी  प्रथम श्रेणी  कमलेश भरकुंदिया गरोठ, जिला-मदंसौर के द्वारा आरोपी तोसिफ अली पिता मुस्ताक अली अब्बासी ग्राम-बोलिया, तह.-गरोठ, जिला-मंदसौर को पत्नी के साथ मारपीट कर तलाक देने पर पीडिता की रिपोर्ट पर से आरोपी तोसिफ को गिरफतार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था जिसमें आरोपी की जमानत निरस्त कर उसे जेल भेजा गया।

          सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री रमेश गामड द्वारा बताया गया कि फरियादिया द्वारा थाना शामगढ पर उपस्थित होकर रिपेार्ट की थी कि, उसकी शादी आरोपी तोसिफ अली पिता मुश्ताक अली से दिनांक 03.04.2020 को हुई थी। विवाह के समय से  ही आरोपित तोसिफ उसके पिता से दहेज में मोटरसाईकिल की मांग करता था, मांग पुरी नहीं करने के  कारण  उसे उसके मायके नहीं आने देता था और मारपीट करता था तथा उसके गर्भावस्था के दौरान 02.05.2020 को जब उसने माता-पिता से मिलने की ईच्छा जताई तो आरोपित तोसिफ ने मारपीट की तथा उसे शामगढ ले गया। गर्भावस्था के दौरान ईलाज हेतु जच्चा-बच्चा कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, और बैंक खाते की पासबुक आरोपित तोसिफ से मांगी तो आरापित तोसिफ ने उसे मना कर दिया और बोला कि मोटरसाईकिल के सत्तर हजार रूपये तेरे बाप से दिलवा नहीं तो मायके  में ही पडी  रहना और उसे बोला कि तुझे तलाक दे दूंगा। दिनांक 20.08.2020 को सुबह 07:30 बजे आरोपी तोसिफ उसके पिता के घर शामगढ आया और मोबाईल छीनकर जाने लगा तो फरियादिया के पिता ने आरोपी को समझाया तो आरोपित ने कहा कि मोटरसाईकिल दिलवाओ तो फरियादी के पिता ने बोला कि कोरोना में काम धंधा नहीं चल रहा है और मोटरसाईकिल की डिमांड पुरी नहीं करने का बोला तो आरोपित ने फरियादिया और उसके पिता के साथ गाली-गलौच करी। मौके पर अन्य लोग भी इकट्ठा हो गये जिन्होंने आरोपित को समझाया आरोपित ने प्रार्थीया  को  बोला कि मैं तुझे तलाक देता हूं, मैं तुझे तलाक देता हूं, मैं तुझे तलाक देता हूं कह कर  बोलिया चला गया। इस प्रकार आरोपित ने  फरियादी को बिना किसी योग्य  कारण के तलाक दे दिया जिस कारण से फरियादिया की तबीयत खराब हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर से आरोपी के विरूद्ध थाना शामगढ में अपराध पंजीबद्ध किया गया।

          आरोपी की ओर से जेएमएफसी महोदय गरोठ श्री कमलेश भरकुंदिया सा0 के समक्ष जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिस पर सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री रमेश गामड ने तर्क कर अपराध की गंभीरता को देखते हूए आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र निरस्त किए जाने का निवेदन इस आधार पर किया कि मुस्लिम महिला के अधिकारों को ध्यान में रखकर अधिनियम  बनाया गया है यदि जमानत दी गई तो  अधिनियम की मंशा ही विफल हो जाएगी तथा अपराध में वृद्धि होगी तथा तलाक दिये जाने से महिला का जीवन कष्टमय तथा मानसिक रूप से पीडा होती है, जिसे स्वीकार करते हूए न्यायालय ने दिंनाक 23.07.2020 को पारित आदेश में  आरोपी की  ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र को निरस्त कर दिया।
       
          प्रकरण में अभियोजन का संचालन एडीपीओ श्री रमेश गामड द्वारा किया गया।

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