गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर रामचरित मानस चौपाई प्रतियोगिता में 12 सुन्दरकाण्ड पाठ संगठनों के पुरूष प्रतिनिधियों ने की सहभागिता
मन्दसौर। स्थानीय श्री केशव सत्संग भवन खानपुरा में तीन दिवसीय तुलसी जयंति समारोह के अंतिम दिवस को चातुर्मास कर रहे पूज्य संत पू. स्वामी निर्मलचैतन्यजी महाराज के सानिध्य, सांसद श्री सुधीर गुप्ता के मुख्य आतिथ्य और पं. दशरथभाईजी के विशेष आतिथ्य में गोस्वामी तुलसीदासजी के विश्व कल्याणक प्रमुख ग्रन्थ रामचरित मानस चौपाई प्रतियोगिता में पुरूष वर्ग की प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें माँ म्यूजिकल इवंेट एवं मारूति सुंदरकांड मण्डल, विश्वपति राम रामायण मण्डल, ऋषियानन्द सुंदरकाण्ड मण्डल, पवन सुन्दरकाण्ड मंडली, समन्वय परिवार, विश्वपति रामायण मण्डल क्र. 2, गणेश मंदिर सुंदरकाण्ड मंडल, गीता भवन ट्रस्ट, गणेश मंदिर भवन मण्डल कागदीपुरा, जागेश्वर महादेव मंदिर भजन मंडली, श्याम मित्र मण्डल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। निर्णायक शास. स्ना. महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रविन्द्र सोहनी, प्रो. डॉ. अशोक अग्रवाल एवं डॉ. उषा अग्रवाल थे।
प्रतियोगिता में ऋषियानन्द सुन्दरकांड मण्डल के कैलाशचन्द्र टांडी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं द्वितीय स्थान पर पवन सुन्दरकांड मण्डली के सुनील पुरोहित रहे। अन्य प्रतिभागी योगेश गोविंदानी, सुरेश बाबानी, प्रहलाद सोनी, डॉ. दिनेश तिवारी, शंकरलाल खत्री, दिनेश खत्री, हेमेन्द्र खत्री, विक्रम सोनी, महेश गेहलोद, प्रसून खत्री अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार से पुरस्कृत किया। प्रथम तथा द्वितीय विजेताओं को सटीक रामचरित मानस तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को पू. स्वामी निर्मलचैतन्यजी महाराज एवं सांसद श्री सुधीर गुप्ता ने मंझला रामचरित मानस की प्रतियां प्रदान कर पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर सांसद श्री गुप्ता का ट्रस्ट की ओर से स्वामीजी ने शाल, श्रीफल से सम्मानित कर आशीर्वाद प्रदान किया।
संतश्री तथा सांसद श्री गुप्ता द्वारा इस अवसर पर निर्णायक शास. स्ना. महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रविन्द्र सोहनी, प्रो. डॉ. अशोक अग्रवाल एवं डॉ. उषा अग्रवाल, कक्षा 12वीं में 500 में से 491 अंक प्राप्त कर मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रिंकु बाथरा एवं प्रतियोगिता आयोजन को सफल बनाने के लियें प्रतियोगिता संयोजक जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष ब्रजेश जोशी, शिक्षाविद् रमेशचन्द्र चन्द्रे एवं बिन्दु चन्द्रे को भी शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
स्वामीजी ने कहा कि वर्तमान समय में यह जो विकराल महामारी का प्रकोप है यह हमारे अपनी निज महत्वाकांक्षा का ही फल है। मनुष्य अपनी महत्वाकांक्षा के कारण इच्छाएं बलवती होने से प्रकृति के साथ अन्याय पूर्वक, बल पूर्वक खेल रहा है। पर्यावरण को दूषित करने से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही है।
गोस्वामी तुलसीदासजी कहते है-
नर तन सम नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर जाचत तेहि।।
नरक स्वर्ग अपवर्ग निसेनी, ज्ञान बिराग भगति सुभ देनी।।
मनुष्य शरीर के सामान कोई दूसरा शरीर नहीं है। चर अचर सभी जीव इस परम् दुर्लभ मनुष्य शरीर की याचना करते हैं। यह मनुष्य शरीर स्वर्ग नरक और मोक्ष की सीढ़ी है तथा कल्याणकारी ज्ञान, भक्ति और वैराग्य को देने वाला है ऐसे मनुष्य शरीर को धारण करके भी जो लोग हरि का भजन नहीं करते हैं और नीच से नीच विषयों में अनुरक्त होते रहते हैं वे इस अमूल्य पारस मणि रूपी शरीर को व्यर्थ गवां देते हैं और बदले में कांच के टुकड़े को ले लेते हैं। तृष्णावान व्यक्ति ही दरिद्र है। जगत में दरिद्रता के समान कोई दूसरा बड़ा दुख नहीं है और संतों के मिलन के समान कोई सुख नहीं है।
इस अवसर पर सांसद श्री गुप्ता ने कहा कि राम हमारी राष्ट्रीय एकता के आधार हैं और राम चरित मानस हमारे जीवन की पद्धति और जीवन दर्शन का एक मार्ग दर्शक ग्रंथ है जब टीवी पर रामायण का प्रसार होता है उस संपूर्ण उत्तर से लेकर दक्षिण तक एवं पूर्व से लेकर पश्चिम तक और हिंदी भाषा वाले प्रांतों में भी रामायण को दूरदर्शन पर देखा जाता है यह इस बात का प्रतीक है कि भारत श्री राम के नाम पर एक सूत्र में बंधा हुआ है।
गोस्वामी तुलसीदास जी के जयंती के अवसर पर केशव सत्संग भवन ट्रस्ट द्वारा चौपाई प्रतियोगिता का आयोजन कर अपने नगर की सांस्कृतिक परंपरा को निरंतर रखने का जो प्रयास किया गया है व अभिनंदन के योग्य है
इस प्रतियोगिता में रामचरितमानस की पुस्तक भेंट करने का मतलब है की इनके परिवारों में यह पुस्तक नहीं बल्कि हिंदू धर्म की परंपरा एवं जीवन दर्शन पहुंच रहा है मैं इस मौके पर ट्रस्ट का अभिनंदन करता हूं।
संचालन ट्रस्ट सचिव कारूलाल सोनी ने किया एवं आभार ट्रस्ट अध्यक्ष जगदीशचन्द्र सेठिया ने माना।

0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box.