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पत्नी के अवैध सम्बन्ध - प्रेमी की ह्त्या पति-पत्नी द्वारा - दोनों को आजीवन कारावास (Illegal relations of wife - murder of lover by husband and wife - life imprisonment for both)


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पत्नी के अवैध सम्बन्ध - प्रेमी की ह्त्या पति-पत्नी द्वारा - दोनों को आजीवन कारावास (Illegal relations of wife - murder of lover by husband and wife - life imprisonment for both)

     

       मदंसौर के तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री रूपेश कुमार गुप्ता  द्वारा आरोपी  लक्षमीनारायण पिता शंकरलाल मीणा, 35साल, और  रूकमणीबाई पति लक्ष्मीनारायण मीणा, दोंनो निवासी- कोलवा, थाना नाहरगढ, जिला मदंसौर मप्र, को हत्या करने का आरोपी मानते हूए धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 10,000/- रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया व धारा 201 भादवि में 2 वर्ष कारावास एवं 1,000/- रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया ।

       अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी नितेश कृष्णन ने बताया की घटना इस प्रकार है सुभाष पिता शंकरलाल पाटी ने थाना रिंगनोद पर इस आशय की रिपोर्ट लिखवाई है कि मैैं गावं कलालिया, थाना रिंगनोद, जिला रतलाम का रहने वाला हूं, मेरा चचेरा भाई हरिशचंद्र ढोढर का रहने वाला ढोढर में चंद्रावत मेडिकल स्टोर पर काम करता है। रोज वह सुबह 10 बजे चंद्रावत मेडिकल जाता है ओर शम 6 बजे तक वापस आ जाता है। किंतु दिंनाक- 05.02.2016 को हरिशचंद्र काम करने मेडिकल गया किंतु रात 8 बजे तक भी वापस घर नहीं आया है। जिस पर से मेंने ढोढर जाकर चंद्रावत मेडिकल के मालिक महेंद्र चंद्रावत से हरिशचंद्र के घर नहीं आने के बारे में पुछा तो उसने बताया की रूकमणीबाई नामक एक महिला उसके पति लक्ष्मीनारायण के साथ शाम के समय मेडिकल स्टोर आए थे ओर हरिशचंद्र को रूकमणीबाई ने अपनी मोटर सायकिल से उन्हें गांव-लदूसा छोडने का कहा था। जिस पर से हरिशंचद्र अपनी मोटर सायकिल पर दोंनो को बैठकार गांव छोडने गया है ओर अभी तक वापस नहीं आया है। जिस पर सुभाष के द्वारा रूकमणीबाई व उसके पति लक्ष्मीनारायण को ढूंढने गांव लदूसा गए तो वहां पर आसपास के लोगों से पुछने पर पता चला की रूकमणीबाई का ससुराल गांव-कोलवा, नाहरगढ है। मुझे हरिशचंद्र के साथ कोई घटना होने की शंका होने पर मैं हरिशंचद्र को ढूंढने गांव -कोलवा गया जहां पर रूकमणीबाई अपने घर नहीं मिली तो उसे ढूंढते-ढूंढते खेत पर पहूंचा तो वहां पर रूकमणीबाई उसके पति लक्ष्मीनारायण के साथ मिली। मेरे द्वारा उनसे हरिशचंद्र के बारे पुछा तो लक्ष्मीनारायण ने बताया की तेरा भाई मेरी पत्नि पर बूरी नजर रखता है तो हम दोंनो ने मिलकर तेरे भाई को निपटा दिया है ओर उसकी लाश को मदनपुरी गोस्वामी के बाबरेचा रोड पर बने खेत की झांडीयों में फेंक दिया है। जिसकी सूचना फरियादी सुभाष ने अपने पारिवार वालो को ओर पुलिस थाना अफजलपुर की जिस पर से पुलिस थाना अफजलपुर के द्वारा लक्ष्मीनारायण के द्वारा दिए गए जानकारी के आधार पर कार्यवाही करते हूए मदनपुरी के बाबरेचा रोड पर बने खेत की झांडीयों से हरिशचंद्र की खुन से लथपथ लाश बरामद की ओर वहीं पास में से हत्या में उपयोग किया गया चाकू व मोटर सायकिल को बरामद किया गया । फरियादी सुभाष की रिपोर्ट पर से पुलिस थाना अफजलपुर के द्वारा अपराध क्र. 28/2016, धारा 302,201,34 भादवि में अपराध दर्ज कर आरोपी 1- लक्षमीनारायण पिता शंकरलाल मीणा, 35साल, 2- रूकमणीबाई पति लक्ष्मीनारायण मीणा, दोंनो निवासी- कोलवा, थाना नाहरगढ, जिला मदंसौर मप्र को गिरफ्तार सभी आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर पुलिस थाना अफजलपुर थाना प्रभारी श्री गिरीश जेजुलकर के द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया

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       प्रकरण की गंभीरता को देखते हूए जिला स्तरीय समिति के द्वारा उक्त प्रकरण को चिन्हित जद्यन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हूए अभियोजन संचालक  पुरूष्षोत्तम शर्मा  भोपाल के द्वारा नियमित रूप से माॅनिटरिंग कर प्रकरण में उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा । अभियोजन की ओर से उप संचालक श्री बापुसिंह ठाकुर नेे पैरवी करते हूए आरोपीगण के कृत्य को गंभीर प्रकृति का बताते हूए अपराध को प्रमाणित कराकर आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित करने हेतु निवेदन किया गया। अभियोजन केे द्वारा कुल- 16 साक्षीयों के गवाह व कुल- 50 दस्तावेजों को प्रदर्शित करवाकर अपराध को प्रमाणित कराया गया । प्रकरण में सक्रिय सहयोग एडीपीओ नितेश कृष्णन ने भी किया।

     जिस पर से माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री रूपेश कुमार गुप्ता सा0 मदंसौर के द्वारा आरोपी 1- लक्षमीनारायण पिता शंकरलाल मीणा, 35साल, 2- रूकमणीबाई पति लक्ष्मीनारायण मीणा, दोंनो निवासी- कोलवा, थाना नाहरगढ, जिला मदंसौर मप्र, को हत्या करने का आरोपी मानते हूए धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 10,000/- रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया व धारा 201 भादवि में 2 वर्ष कारावास एवं 1,000/- रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया ।

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