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ऐनसीओवी(Novel corona virus) की रोकथाम एवं नियत्रंण -Novel corona virus prevention and control(hindi)



Novel corona virus prevention and control(hindi)




ऐनसीओवी(ncov) की रोकथाम एवं नियत्रंण के लिए कलेक्टर ने दिए निर्देश-Novel corona virus prevention and control


 कलेक्टर श्री मनोज पुष्प द्वारा बताया गया कि हाल ही में चीन के हुबई राज्य के वुहान शहर में एक नये प्रकार का कोरोना वायरस ( Novel corona virus 2019 - ncov ) से निमोनिया के प्रकरण पाये गये है। कोरोना वायरस फैमिली के वायरस से सामान्य सर्दी - खांसी, MERS R SARS जैसी गंभीर बीमारियां होती है। इसमें मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण फैलने की संभावाना होती है। 12 जनवरी तक चीन द्वारा विच स्वास्थ्य संगठन को 41 कन्फर्म प्रकरण की जानकारी दी गई है। इसके अलावा थाइलेंड, साउथ कोरिया, जापान व संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में भी चीन से आये यात्रियों में इस वायरस की पुष्टि हुई है। सभी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चीन व इस वायरस को रिपोर्ट करने वाले अन्य देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अतः स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया जाता है कि, सभी चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों कों इस विषय पर जागरूक करायें तथा Acute respiratory infection / Influenza like Illness ( ARI / ILI ) के मरीजों पर नजर रखें व एक ही स्थान से आने वाले ARI/ALI के मरीजों की जानकारी रखें।


ऐनसीओवी(ncov) के लक्षण इस प्रकार है-



गंभीर श्वसन संक्रमण Severe Acute respiratory infection ( SARI ) से पीड़ित भर्ती मरीज जिसे खांसी व बुखार की तकलीफ रही है तथा जिसका कारण स्पष्ट न हो, तेज बुखार ( 238°C ), खाँसी, गले में खराश, साँस फूलना, लक्षण प्रकट होने के पहले 14 दिन के भीतर चीन के हुबई राज्य के वुहान शहर की यात्रा की हो, कोई स्वास्थ्य कर्मी जो गंभीर श्वसन संक्रमण Severe Acute respiratory infection ( SARI ) के मरीज के संपर्क में आया हो चाहे उसकी ट्रेवल हिस्ट्री न हो, मरीज जिसमें असामान्य तथा असंभावित लक्षण प्रकट हो रहे हो व सभी संभव इलाज के पश्चात्य भी हालत में सुधार न हो रहा हो व कारण स्पष्ट न हो पा रहा हो तथा जिसकी ट्रेवल हिस्ट्री भी न हो।



नियंत्रण व रोकने के उपाय




जल्दी रोग की पहचान व संक्रमण के स्त्रोत का नियंत्रण करे। स्वास्थ्यकर्मी रोग की जानकारी रखे, जिससे संभावित मरीज की जल्दी पहचान हो सके।
 जाच को लिए प्रशनावली तैयार करें। रोग के लक्षणों व रोकने के उपायों का प्रचार - प्रसार करें। खांसते, छीकते समय मुंह या रूमाल कपड़ा आदि लगाये या कोहनी से नाक मुह को ढके। संभावित ऐनसीओवी मरीज को अन्य मरीजों से अलग आइसोलेशन वार्ड में रखें। संभावित ऐनसीओवी के मरीज को मास्क पहनने की सलाह दे। मरीज के सम्पर्क में आने से पहले व बाद में हाथ धोवे।

संभावित ऐनसीओवी के मरीज को निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए

सभी सामान्य सावधानियों के साथ - साथ संभावित मरीज में परिवार के सदस्यों, मिलने - जुलने वाले लोगों तथा देखभाल करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क पहने व बार - बार हाथ धोवें। मरीज को अलग एक स्वच्छ हवादार आइसोलेट कमरे में रखें, यदि यह संभव न हो तो सभी संभावित एक ही प्रकार के लक्षणों वाले मरीजों को एक ही कमरे में रखें। दो मरीजों में पलंग के बीच की दूरी का अंतर कम से कम 1 मीटर होना चाहिए। जहां तक संभव हो स्वास्थ्य कर्मियों का एक प्रथक से समूह बनाकर उन्हीं से संभावित मरीजों की देखभाल करायें। साफ लम्बे बाँह वाले गीले न होने वाले गाउन व दस्ताने का इस्तेमाल करें। एक बार उपयोग में लाये जाने वाले डिस्पोजिबल उपकरणों का प्रयोग करें। जहां यह संभव हों ( जैसे स्टेथोस्कोप , ब्लड प्रेशर नापने की मशीन, थर्मामीटर ) एक ही या मरीजों के लिए उपयोग कों या ethyl alcohol से साफ कर दूसरे मरीज में लिए उपयोग करें। निरंतर हाथ को आंख, नाक व मुँह पर न लगायें। मरीज को अनावश्यक घूमने फिरने न दें। पोर्टेबल x - ray मशीन आदि प्रयोग करें। मरीज को ले जाने वाले स्वास्थ्य कर्मी पीपीई किट का इस्तेमाल करें। संभावित मरीज के आने वाले एरिया को नोटिफाई करे व इसमें आने वाले लोग सावधानी बरते। मरीज के संपर्क में आने वाली जगह को नियमित रूप से साफ करें। कम से कम स्वास्थ्य कर्मी व परिवार वालों को मरीज के कमरे में आने दें। कमरे में आने सभी कर्मचारियों व परिवार वालों का रिकार्ड सूची बद्ध करें। मरीज के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्य कर्मी व परिवार वालों की ट्रेनिंग व स्वास्थ्य शिक्षा दी जावें।


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